वैज्ञानिकों ने बनाया “जीवित कम्प्यूटर”, इंसानी दिमाग से भी तेज और कम ऊर्जा खर्च करने वाला!

कल्पना कीजिए, एक ऐसा कम्प्यूटर जो इंसानी दिमाग से भी तेज हो और ऊर्जा की खपत बेहद कम करे! यह सपना अब सच हो गया है। स्वीडिश वैज्ञानिकों ने ‘लिविंग कम्प्यूटर’ नामक एक क्रांतिकारी उपकरण बनाने का दावा किया है, जो ह्यूमन ब्रेन टिश्यू से बना है।

यह कैसे काम करता है?

यह कम्प्यूटर 16 ऑर्गनॉइड्स से बना है, जो लैब में तैयार की गई दिमागी कोशिकाओं के समूह हैं। ये ऑर्गनॉइड्स एक दूसरे को सूचनाएं भेजकर डेटा प्रोसेस करते हैं, बिलकुल इंसानी दिमाग की तरह।

इसकी खासियतें क्या हैं?

  • अविश्वसनीय गति: यह कम्प्यूटर डिजिटल प्रोसेसिंग की तुलना में 10 लाख गुना कम समय में डेटा प्रोसेस कर सकता है।
  • कम ऊर्जा खपत: जहां मौजूदा कम्प्यूटर 21 मेगावाट (2.1 करोड़ वाट) ऊर्जा का उपयोग करते हैं, वहीं यह ‘जीवित कम्प्यूटर’ केवल 0.5 वाट ऊर्जा का उपयोग करता है।
  • स्व-मरम्मत: इसमें मौजूद स्टेम सेल ऑर्गनॉइड्स को खुद ही मरम्मत कर सकते हैं, जिससे इसकी टिकाउपन बढ़ जाती है।

यह तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है?

यह तकनीक क्रांतिकारी है क्योंकि यह ऊर्जा संकट को कम करने में मदद कर सकती है। यदि हम ‘जीवित कम्प्यूटर’ का उपयोग डेटा सेंटरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में करते हैं, तो हम ऊर्जा की खपत को काफी कम कर सकते हैं।

अभी क्या?

फिलहाल, यह तकनीक अपने शुरुआती दौर में है। वैज्ञानिकों को इसकी क्षमताओं और अनुप्रयोगों का पूरी तरह से पता लगाने के लिए और अधिक शोध करने की आवश्यकता है।

यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि ‘जीवित कम्प्यूटर’ भविष्य में हमारी दुनिया को कैसे बदल देगा, लेकिन यह एक रोमांचक संभावना है जो हमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

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