हमेशा रहते हैं जल्दी में? हो सकते हैं ‘Hurry Sickness’ के शिकार!

आजकल की व्यस्त जिंदगी में कई लोग हमेशा जल्दबाजी में रहते हैं. खाना खाना, नहाना, काम पर जाना, या कोई भी काम करना, ये सब कुछ वो जल्दी में करना चाहते हैं. मानो जरा सा समय निकलते ही उनकी ट्रेन छूट जाएगी.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये जल्दबाजी की आदत एक मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है? जिसे “हरी सिकनेस” (Hurry Sickness) कहा जाता है.

हरी सिकनेस क्या है?

हरी सिकनेस एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति हर काम को करने में जल्दबाजी दिखाता है. वो किसी भी काम को करते वक्त चिंता या हड़बड़ी महसूस करता है. जब तक वो जल्दी से उस काम को कर नहीं लेता, तब तक बैचेन रहता है. यहां तक कि अगर किसी काम की जल्दी नहीं है तो भी व्यक्ति उस काम को जल्दी में करने की चिंता में रहता है.

हरी सिकनेस के लक्षण:

  • हर काम को जल्दी खत्म करने की कोशिश करना
  • किसी काम में देरी होने पर चिड़चिड़ापन
  • बात खत्म करने के लिए दूसरों को बीच में ही टोक देना
  • हर काम को मिशन या टास्क समझना
  • खाना खाने में भी जल्दबाजी दिखाना
  • हमेशा बेचैन रहना
  • नींद संबंधी परेशानियां
  • थकान, डिप्रेशन, तनाव, सांस फूलना, घबराहट महसूस होना
  • बार बार पेट खराब होना
  • दिल और दिमाग पर हमेशा तनाव

हरी सिकनेस के खतरे:

अगर हरी सिकनेस का इलाज न किया जाए तो यह दिल संबंधी बीमारियों, डिप्रेशन, और नर्वस सिस्टम पर दबाव जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है.

हरी सिकनेस से बचाव:

  • मेडिटेशन: हरी सिकनेस को दूर करने के लिए मेडिटेशन बहुत कारगर साबित हो सकता है.
  • लाइफस्टाइल में बदलाव: अपनी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव लाएं.
  • हॉबी पर फोकस: अपनी हॉबी पर फोकस करें.
  • ध्यान: खाली समय में ध्यान लगाएं.
  • मन को शांत करना: मन को शांत करने की कोशिश करें.

निष्कर्ष:

हरी सिकनेस एक गंभीर समस्या हो सकती है, लेकिन इसे कुछ आसान उपायों से दूर भी किया जा सकता है. अगर आपको लगता है कि आप हरी सिकनेस से पीड़ित हो सकते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *